*कभी कभी*
*हम धागे ही इतने कमजोर*
*चुन लेते है...*
*कि पूरी उम्र ही गाँठ बाधने में गुजर जाती है.....!!*
*🙏🌷🌷🙏*
*मीठा बोलो ,नम के चलो ,सबसे करो स्नेह.....कितने दिन का जीवन है और कितने दिन की देह.....!!!*
*🙏🏻🌹शुभ प्रभात🌹🙏🏻*
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