*पेड़ के नीचे रखी भगवान की टूटी मूर्ति को देख कर समझ आया,*
*कि..*
*परिस्थिति चाहे कैसी भी हो,*
*पर कभी ख़ुद को*
*टूटने नही देना..*
*वर्ना ये दुनिया*
*जब टूटने पर भगवान को*
*घर से निकाल सकती है*
*तो फिर हमारी तो*
*औकात ही क्या है ... 💞*✍🏻🙏
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳_*जय हिन्द*_🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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