Tuesday, February 1, 2022

Jai Hind || जय हिन्द

 *मनुष्य की चाल धन से भी बदलती*

*है और धर्म से भी बदलती है..*

*जब धन संपन्न होता है तब अकड़*

*कर चलता है, और जब धर्म संपन्न होता है,*

*तो विनम्र होकर चलता है..!!*

*जिंदगी भले छोटी देना मेरे भगवन्..*

*मगर देना ऐसी -*,

*कि सदियों तक लोगो के दिलों मे -*

*जिंदा रहूँ और हमेशा अच्छे कर्म कर सकूं..!!*

🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳_*जय हिन्द*_🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳

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